बुद्ध बन जाता में भी
लेकिन!
दुनियादारी की
परिवार की,
भूख से बिलखते बच्चो की '
अपना सवत्र न्योछावर कर देने वाली पत्नी की,
जिम्मेदारी से मुह कैसे मोड़ता में...
तुम्हारी शांत मुखमुद्रा से
तुम्हारी अहिंसा वादी सोच से
प्रभावित हूँ में भी....
लेकिन!
लोगो की क्रूरता का ,
दासिता के रूप में खून चूसने वाली प्रथा का ,
कथित राजनैतिक षड्यंत्र का ,
कैसे न करता प्रतिकार......
में भी बन जाता बुद्ध
बस कर बैठा प्रतिकार
अपने अधिकारों के लिए
अपनी आज़ादी के लिए
आत्मसम्मान के लिए....
मेरा पिता सम्राट जो नहीं थे!!!!!!!
