भ्रम !
अंत तक रहेगा,
क्योंकि सच्चाई जटिल है उन लोगो के लिए
जो इसे स्वीकार करना ही नहीं चाहते है,
फिर वो सब एकाएक चीखेंगे
करेंगे दुआये ,
उस परमसत्ता से
जो दरअसल शुरुआत से ही मृग मरीचिका है!!!
करोडो साल पहले डायनासोर
नहीं लिखते थे......वेद.....कविता ...कहनियाँ....
सब कुछ ख़त्म होने पर
फिर कुछ समझदार प्राणी पनपेंगे...और उसी के साथ
पनपने लगेगा ईश्वर का भी अस्तित्व..................''नर ेन्द्र''
अंत तक रहेगा,
क्योंकि सच्चाई जटिल है उन लोगो के लिए
जो इसे स्वीकार करना ही नहीं चाहते है,
फिर वो सब एकाएक चीखेंगे
करेंगे दुआये ,
उस परमसत्ता से
जो दरअसल शुरुआत से ही मृग मरीचिका है!!!
करोडो साल पहले डायनासोर
नहीं लिखते थे......वेद.....कविता ...कहनियाँ....
सब कुछ ख़त्म होने पर
फिर कुछ समझदार प्राणी पनपेंगे...और उसी के साथ
पनपने लगेगा ईश्वर का भी अस्तित्व..................''नर