Sunday, 9 December 2012

यादें बाकि है अभी...

साथ न सही 
यादें बाकि है अभी 
कुछ अलमारी की नीचे की दराज में 
धुल से सने खातो में 
तो कुछ किताबों में रखे सूखे गुलाबों में...
यादें बाकि है अभी....

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