साथ न सही
यादें बाकि है अभी
कुछ अलमारी की नीचे की दराज में
धुल से सने खातो में
तो कुछ किताबों में रखे सूखे गुलाबों में...
यादें बाकि है अभी....
यादें बाकि है अभी
कुछ अलमारी की नीचे की दराज में
धुल से सने खातो में
तो कुछ किताबों में रखे सूखे गुलाबों में...
यादें बाकि है अभी....
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