Thursday, 29 November 2012

इंतजार

सो नहीं पाता में अक्सर 
रात भर 
तेरे आने के ख्याल से,
लगता है 
जैसे अगले पल ही 
तेरी पायल की खनक 
सुनाई देगी,
अँधेरी रात की 
खामोसी को तोड़कर 
बज उठेंगे 
तेरे घुंघरू 
जैसे अगले ही पल ,
इन हवाओ के संग 
तेरी खूसबू 
भी आती है अक्सर
तब लगता जैसे 
तू झांक रही हो 
दरवाजे से मुझे,
लगता है की 
जैसे तू अगले पल आ ही जाएगी 
सो नहीं पाता में  
अक्सर तेरे आने के ख्याल से....
                    -नरेन्द्र धाकड़ ''आमीन''

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